ना मैं मीरा ना मैं राधा फिर भी श्याम को पाना है

पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना मैं मीरा ना मैं राधा,

फिर भी श्याम को पाना है ।

पास हमारे कुछ भी नहीं,

केवल भाव चड़ाना है ॥

जब से तेरी सूरत देखि,

तुम में प्रेम की मूरत देखि ।

अपना तुम्हे बनाना है,

अपना तुम्हे बनाना है ॥

और किसी को क्या मैं जानू,

अपनी लगन को सब कुछ मानू ।

दिल का दरद सुनाना है,

दिल का दरद सुनाना है ॥

जनम जनम से भटकी मोहन,

युग युग से मैं भटकी प्रीतम ।

अब ना तुम्हे भुलाना है,

अब ना तुम्हे भुलाना है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।