मेला साई का आया

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेला साई का आया हमको बाबा ने भुलाया,

बिगड़े बन जाये गे सबके काम,

आओ मिल के चले साई बाबा के धाम,

आओ मिल के चले शिरडी वाले के धाम,

झूम के उठाये गे साई जी की पालकी,

चारो और बरसे गई बरखा गुलाल की,

जेक शिरडी नगरी हम खाली नहीं आएंगे,

रख लेंगे लाज साई अपने सवाल की,

गाते साई भजन होक धुन में मगन सबपे किरपा करे गे साई राम,

आओ मिल के चले साई बाबा ले धाम,

जिसने जो माँगा पाया साई के भंडार से खाली नहीं लोटा कोई बाबा ले द्वार से,

दानी है बाबा मेरे भोले जी के प्यारे है,

लाखो की बिगड़ी बानी साई जी के द्वार से,

स्वर्ग से है बलि मेरे साई की गली वह ऋषियों का है विश्राम,

आओ मिल के चले साई बाबा ले धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।