दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द

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॥ पावन पाठ ॥

दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

दुनिया के सताए लोग यहाँ सीने से लगाए जाते है ,

दरबार है शिरडी वाले का हर भक्त यहाँ मतवाला है,

भर भर के प्याले अमृत के यहाँ सबको पिलाये जाते है,

दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

गीता है यहाँ है गरंथ यहाँ भगवन यहाँ हैवान यहाँ,

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई इस दर पे भुलाये जाते है,

दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

जिन भक्तो पर ऍह जग वालो है ख़ास दया मेरे साई की,

उनको ही भुलावा जाता है,वही लोग भुलाये जाते है,

दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

लाख केसर भी आया है सब मेरे साई माया है,

भर भर के पानी दीपक में यहाँ द्वीप जलाये जाते है,

दरबार में शिरडी वाले के दुःख दर्द मिटाये जाते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।