तुम तस्वीर में बेठे ऐसे क्यों मुश्कुराते हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम तस्वीर में बेठे ऐसे क्यों मुश्कुराते हो,

मिलने के लिए बाहर तुम क्यों नही आते हो,

चंचल है तेरी चितवन है छवि बड़ी प्यारी,

तेरे रूप के आगे तो हम जाये बलहारी,

बेठे बेठे नैनो से क्यों तीर चलाते हो,

मिलने के लिए बाहर तुम क्यों नही आते हो,

अन्दर है बड़ी गर्मी न हवा है न पानी क्यों जिद पे अड़े कान्हा करते हो मन मानी,

ऐसा करके हम भक्तो का जी क्यों जलाते हो,

मिलने के लिए बाहर तुम क्यों नही आते हो,

दुनिया के मालिक हो तस्वीर में रहते हो,

बेटो की दुःख तकलीफ सब हसकर सहते हो,

प्यासी अखियो को दर्शन क्यों न दिखलाते हो,

मिलने के लिए बाहर तुम क्यों नही आते हो,

तस्वीर में बेठे हो क्या मिली है कोई सजा बाहर आकर देखो आयेगा बड़ा मजा,

कहे मोहित मनोहार हमारी क्यों ठुकराते हो,

मिलने के लिए बाहर तुम क्यों नही आते हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।