साई जी की गली में मकान होना चाहिए

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाबा जी की गली में मकान होना चाहिए,

दिल वाला पूरा अरमान होना चाहिए,

बाबा जी की गली में मकान होना चाहिए,

जयपुर शहर से मैं चोला बन बाउगा,

सोने के सिंगसन पे बाबा को बिठाऊ गा,

गोते दार बाबा जी का चोला होना चाहिए

बाबा जी की गली में मकान होना चाहिए,

बाबा तेरे मंदिर में कीर्तन करवौ गा,

देवी और देवता मैं सारे भुलाऊ गा,

चारो और भगतो का मेला होना चाहिए,

बाबा जी की गली में मकान होना चाहिए,

कीर्तन के बाद मैं पार्षद बनवउँ गा,

आने जाने वालो को मैं प्रेम से ख़िआलुगा,

बाबा तेरा वास मेरे घर में होना चाहिए,

बाबा जी की गली में माकन होना चाइये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।