साई तुम हो मेरे आधार प्रभु

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साई तुम हो मेरे आधार प्रभु,

अपने चरणों से लगा ले तेरे चरणों से है प्यार है प्रभु,

साई तुम ही मेरे आधार प्रभु,

तुम दाता तू ही विदाता तू ही भाग्यबिदाता,

तेरी करनी सच्ची लागे तुन ही तो हो दातार,

साई तुम हो मेरे आधार प्रभु

सबका भला तुम ही करते सबकी झोली भरते,

तेरे नाम की जोट जला कर पूजा तेरी ही करते,

साई तुम हो मेरे आधार प्रभु.....

सबसे सच्चा सबसे अच्छा सबका मालिक एक,

एक मालिक के बन्दे सब है सबका मालिक एक,

साई तुम हो मेरे आधार प्रभु.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।