डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

मची है धमाल मची है धमाल,

श्याम धनि के दर पे आके कोई न रहा कंगाल,

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

हारे का वो एक सहारा श्याम धनि अंबेला रे

हर एकादस खाटू जी में लग गया भरी मेला रे,

श्याम कीर्तन हॉवे से और बाजे ढोल सुर ताल,

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

सेठ दयालु श्याम सांवरो खाटू जी में धाम जी,

दया श्याम कर देते उसके होते पुराण काम जी,

श्याम दया से भिखारी होते देखे मालामाल,

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

सिर पे पड़े आशीष देवे मोरछड़ी सुहानी रे,

मोरछड़ी के आगे झुकगे बड़े बड़े अभिमानी रे,

मोर छड़ी क्याअसर प्रेमियों को निहार

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

देवा देता सब्ली खुशियां अपने भरे खजाने से,

किसी को किसी बहाने देता किसी को किसी बहाने से,

पप्पू लेहरी मांगले आके हॉवे गा खुश हाल,

डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।