भुला ले बाबा शिरडी धाम

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भुला ले बाबा शिरडी धाम,

काहे हुई न किरपा अब तक,

हम पे साई राम भुला ले बाबा शिरडी धाम,

गन अवगुण हम में अति बारी,

शमा करो हे शरण तिहारी,

माना लायक नहीं हम तेरे लेलो फिर भी सुह्दी हमारी,

ना जाने किस मोड़ पे होगी इस जीवन की शाम,

भुला ले बाबा शिरडी धाम,

दया करो दीनो पे दाता रखने दो चरणों में माथा,

पतितो की भी पवन करदो शिरडी स्वामी भाग्यभिदाता,

काट के बंधन जनम जनम के दो बाबा आराम,

भुला ले बाबा शिरडी धाम,

तुमसे नहीं कोई हितकार,

दया सिंधु हे किरपा कारी,

बिन कारण ही होते दयालु करणु की रेहमत बाहरी,

उची है महिमा दुनिया में बड़ा है बाबा नाम,

भुला ले बाबा शिरडी धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।