साँवरे की दया है बड़ी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरे की दया है बड़ी मौज करते है हम हर घडी,

हमने मांगी थी दो चार खुशियां उसने सुख की लगा दी झड़ी,

मौज करते है हम हर घडी,

साँवरे दर पे तेरे आके मिटे दुखड़े मेरे,

सुख की पुरवाई चलने लगी धुप दुःख वाली ढलने लगी,

सँवारे के चरण जो छुए हशत रेखा बदल ने लगी,

अब महल है शीतल झोपड़ी मौज करते है हम हर घडी,

साँवरे दर पे तेरे आके मिटे दुखड़े मेरे,

शाम का जब सहारा मिला जबसे है श्याम प्यारा मिला,

था जो तूफ़ान मझधार में वो भी बनके किनारा मिला,

उसकी सीधी नजर जो पड़ी,

मौज करते है हम हर घडी

साँवरे दर पे तेरे आके मिटे दुखड़े मेरे,

शुक्रियां श्याम सरकार का रखा चाकर जो दरबार का,

श्याम हो जिसका मालिक उसे डर सताए गा क्या हार का,

शक्तियां उसके संग खड़ी मौज करते है हम हर घडी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।