बाला जी मेरा संकट काटो आज

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी मेरा संकट काटो आज मैं दुखिया दर पे आई,

संकट ने गणी सताई,

बाबा जी मेरा संकट काटो आज मैं दुखिया दर पे आई

काया मैं दर्द गहना से बाबा करले नरमे निघा,

बाला जी सारी दुनिया में आई हांडी कही मिली ना मेरी दवाई,

बाला जी मेरा संकट काटो आज मैं दुखिया दर पे आई

तने संकट मोचन कहते मेरी आंख से आंसू बहते,

बाला जी करिये मेरे गम का इलाज करिये ना जग में हसाई,

बाला जी मेरा संकट काटो आज मैं दुखिया दर पे आई

विश्वाश तेरा है बाहरी ओ शंकर के अवतारी,

बताया तेरा मेहंदीपुर में धाम मैं हरने में दोहरी आई,

बाला जी मेरा संकट काटो आज मैं दुखिया दर पे आई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।