पी ले जरा तू जी ले जरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम की आखियो से मस्ती बरसे,

पी ले जरा तू जी ले जरा,

पहले पहले सारे इसको शौंक से पीते,

बाद में सारे इसको पी कर के जीते,

अब ये मस्ती न उतरे सर से,

पी ले जरा तू जी ले जरा.....

मस्ती का इक पल जिसको चस्का चढ़ा है,

दुनिया में रुतबा उसका सबसे बड़ा है,

उसको सब कुछ मिला इस दर से,

पी ले जरा तू जी ले जरा.......

जिसको नशा एक बार लग जाता है,

उसको प्रभु का दर्शंन मिल जाता है,

बाकी किस चीज को तरसे,

पी ले जरा तू जी ले जरा....

बहुत वक़्त पहले हम ने इसको चखा था,

इसका असर सीधे दिल पे चढ़ा था,

अब तो आंनद ही आनंद बरसे,

पी ले जरा तू जी ले जरा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।