साई आया बन कृष्ण कन्हिया

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साई आया बन कृष्ण कन्हिया,

तुझे मोहन कहु या राधा मैया,

तेरी चिलम लगे वेणु जैसी,

तेरी पालकी लगे धेनु जैसी,

मोहे लागे तू कृष्ण कन्हिया,

तुझे मोहन........

तेरी शिरडी लगे वृन्दा रानी,

जहा लीला रची तूने मनमानी,

तू है शिरडी का रास रचइया ,

तुझे मोहन........

तू ही राम मेरा घनश्याम मेरा,

तू है साई मेरा मैं हूँ दास तेरा,

मेरा सब कुछ तू साई सावरिया,

तुझे मोहन........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।