मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,

मेरे कुञ्ज बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,

जादू सो कर गए टोना सो कर गए,

मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री,

राधा रसिक बिहारी के नैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री.....

जाने केसों कर गयो जादू ,

कर गयो जादू हाँ कर गयो जादू,

मेरा दिल मेरे रहो ना काबू रहो ना काबू,

हाँ रहो न काबू

दिन बीते कटे नहीं रैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री,

मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री.....

लूट गई देख छवि तेरी प्यारी,

छवि तेरी प्यारी छवि तेरी प्यारी,

जादूगर ऐसो बांके बिहारी,

बांके बिहारी प्यारो बांके बिहारी,

वो चलाये रहो तिरछे सैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री,

मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री......

मोटी मोटी अँखियाँ बड़ी कजरारी,

बड़ी कजरारी बड़ी कजरारी,

गोल कपोलन के लट घुंघराली,

लट घुंघराली रे लट घुंघराली,

ऐसो सुन्दर श्याम सलोना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री,

मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री.....

नैना बिहारी जी के रस के प्याले,

रस के प्याले,रस के प्याले,

चित्र विचित्र पागल कर डारे,

पागल कर डारे पागल कर डारे,

देखे बिन चैन पड़े ना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री,

मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,

कछु जादू सो कर गए री.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।