तू तो दोस्ती सिखाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग में दुनिया में,

तू तो दोस्ती सिखाई,

भक्ता सु प्रीत निभाई,

सुदामा के चावल खा कर संदेश ओ दियो है,

जो संजो मोहन ने पक्ष भेद न दियो है,

छोटा मोटा एक सरिक्का गन है मीठा गन है फीका तू आ बात बताई,

तू तो दोस्ती सिखाई,

भक्ता सु प्रीत निभाई,

नरसी भगत रे तू तो माहरो बरैयो,

छप्पन करोड़ तेरी माया रोबॉट लेके आइयो,

एक बहिन रोमान बड़ाइयो भक्त के काम तू आइयो,

सबकी लाज बचाई,

तू तो दोस्ती सिखाई,

भक्ता सु प्रीत निभाई,

दोपटी पे एह मोहन संकट की घड़ी आई,

जब चीयर तू बड़ाइयो पांडवा की लाज बचाई,

याद करो जब आया तू संग सांगली खुशिया लायो तू जद कोई आस लगाई,

तू तो दोस्ती सिखाई,

भक्ता सु प्रीत निभाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।