कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्यों चुप बैठे हो लगता है माजरा,

कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले ओ संवारा,

है तेरे नाम की मस्ती में दिल बावरा,

ओ संवारा ओ संवारा

दो चार कदम पर तुम हो दो चार कदम पर हम है,

बस इतनी सी दुरी है फिर ख़त्म हुए हम सब है,

हर पल दिल में रहते हो तुम संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है माजरा

कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले .....

कैसी जी प्रीत बड़ाई कब से है रीत चलाई,

जैसे ही मुरली बजाते राधा है दोहरी चली आई,

तुम आज भी वोही जादूगर हो ओ संवारा,

क्यों चुप बैठे हो लगता है माजरा

कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले...

ऐसा है एक एक प्रेमी हर पल वो तुझपे मिटा है,

आकाश में सुना पैन था तेरे प्यार की छाई घटा है,

अब बस संवारा बस संवारा ओ संवारा हां संवारा

क्यों चुप बैठे हो लगता है माजरा

कुछ तुम बोलो कुछ हम बोले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।