जनम देने वाली इतना तू बोल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसे चुकाऊ तेरी सांसो की मोल रे,

जनम देने वाली इतना तू बोल,

उंगली पकड़ के चलना सिखाया मुझको,

गा गा के लोरी तूने गोदी में खिलाया मुझको,

कैसे चुकाऊ तेरी ममता के मोल रे,

जनम देने वाली इतना तू बोल,

रो रो के हर गम तूने हसना सिखिया मुझको,

हर कास्ट सेह के तूने जीना सिखाया मुझको,

कैसे चुकाऊ तेरी अंसुवन के मोल रे,

जनम देने वाली इतना तू बोल,

आंचल की छैया देकर धुप से बचाया मुझको,

हर गम भला से तूने हर दम बचाया मुझको,

तेरे दूध का मैं कर्जा ऐसे चुकाऊ गी,

जनम देने वाली इतना तू बोल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।