मैया लक्ष्मी बड़ी दयाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया लक्ष्मी बड़ी दयाल शरण में आई तेरी,

धन धान से पूर्ण करो घर बार हे माँ मेरी,

मैया तू कमल पे आसान विराजे ,

मैया के वाहन ओलूक है साजे,

मुख मॉडल तेज नैन दृष्टि है ममता से भरी,

जय माँ लक्ष्मी जय माँ लक्ष्मी,

पूजन को तेरे थाल सजाई,

खीर पतासा खिलोने है लाइ,

पूजन को तेरे थाल सजाई,

फल मेवा पकवान मिठाई,

घर को सजाया आसान विछाया,

आओ बैठो माँ ऊ माँ मेरी,

जय माँ लक्ष्मी जय माँ लक्ष्मी,

जग मग जग मग दीप जलाया,

होली रंगोली से बंगला सजाया,

मेरे अंगना में चरण कमल धरो ओ माँ मेरी माँ,

जय माँ लक्ष्मी जय माँ लक्ष्मी,

भक्तो पर मैया अन धन लुटावे दुःख दलिदर सब दूर भगावे,

मंदिर में दिया जगा कर तुझको निहारु ओ माँ मेरी,

जय माँ लक्ष्मी जय माँ लक्ष्मी,

मैया लक्ष्मी बड़ी दयाल शरण में आई तेरी,

धन धान से पूर्ण करो घर बार हे माँ मेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।