मुझको अगर तू फूल बनाता

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मुझको अगर तू फूल बनाता हो सँवारे ,

मंदिर में तेरा रोज सजता ओ सँवारे,

तेरा जीकर जीकर इतर का तेरी बात इतर की,

मंदिर में तेरे होती है बरसात इतर की,

छिटा कोई तो मुझपे भी आता सँवारे,

मंदिर में तेरा रोज सजता ओ सँवारे,

मेरे श्याम काम आता मैं तेरे शृंगार में,

तेरे भक्त पिरो देते मुझे त्तेरे हार में,

मुझको गल्ले तू रोज लगता ओ सांवरे,

मंदिर में तेरा रोज सजता ओ सँवारे,

बन के गुलाब काँटों में रहना कबुल है,

किस्मत में मेरी अगर तेरे चरणों की धूल है,

संदीप सिर न दर से उठता सँवारे,

मंदिर में तेरा रोज सजता ओ सँवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।