लाल माँ गौरी के

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लाल माँ गौरी के लाल शिव शंकर के,

घर में पधारो आज दर्श प्रभु दे जाओ,

की मंगल कर जाओ सुन लो मेरी अरदास,

लाल माँ गौरी के......

मेरे घर आज है मंगल कारज आना जरूर गणराज रे,

रिद्धि सिद्धि लाना गौरी माँ को लाना,

भूल ना जाना महाराज रे,

पहले मनाऊं मैं प्यार से बुलाऊँ मैं,

देवों के सरताज,

लाल माँ गौरी के.........

काम सफल ना होंगे देवा जबतक तुम ना पधारोगे,

विघ्न को सारे तुम ही हरोगे काज तुम्ही तो सवारोगे,

भक्तो की पुकार पर मुस की सवार पर,

आ जाओ गणराज,

लाल माँ गौरी के..........

पूजा करूँगा मैं सेवा करूँगा,

दूर्वा जल मैं चढ़ाऊँ लड्डुवन का मैने भोग बनाया हाथो से तुम्हे जीमाउ,

द्वार खड़ा हूँ मैं राह निहारूँ मैं देर करो ना महाराज

लाल माँ गौरी के.....

ब्रम्हा भी पूजे विष्णु भी पूजे पूजे उमा महेश रे

प्रथम पूज्य तुम वक्रतुण्ड हो एकदन्त हो गणेश रे,

सुखकर्ता तुम दुखहर्ता तुम देव बड़े हो महान,

लाल माँ गौरी के......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।