साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन में दुखो के कांटे सभी उखाड़ दिए,

जब देने पे आया साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए,

दौलत सोहरत भी दे दी जग में इज्जत मान दिया,

खुशियों से मेहका घर आंगन इतना जयदा प्यार दिया,

कोठी बंगले बैंक बैलेंस और महंगे मोटर कार दिए,

जब देने पे आया साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए,

सर पे हाथ है बाबा का बन जाता हर काम मेरा,

करता है सब सेठ संवारा हो जाता है नाम मेरा,

श्याम की किरपा बरस रही है ऐसे कारोबार दिए,

जब देने पे आया साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए,

खाटू का ये श्याम धनि लखदातार है कहलाये,

कहे रवि निर्धन के घर भी हीरे मोती बरसाए,

सच्ची शरधा रखने वाले लाखो करोड़ो,

जब देने पे आया साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए,

जितना दिया सावरिया ने उतनी मेरी औकात नहीं,

ये तो कर्म मेरे बाबा का मुझमे ऐसी बात नहीं,

बबर की झोली भर धीरे सब सपने साकार किये,

जब देने पे आया साँवरे छप्पर फाड़ दिये दिए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।