दर्श पिया से खड़े दुआरे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दर्श पिया से खड़े दुआरे मेरे हो श्री राम तुम्ही हो सहारे,

सोने नैन प्रभु मन निर्जन है,

हमको तो बस प्रभु तुम्हारी लगन है,

तुम्ही हो नाथ प्रभु हमारे,

दर्श पिया से.......

पड़ते चरण नहीं हमरी कुटर में,

सबरी के सम ही तो आतुर हम है,

केवट ने भी चरण पखारे,

दर्श पिया से.......

हल में हो तुम प्रभु तुम हो गगन में,

कण कण में हो तुम बस मन में,

तुम को कल मन आज पुकारे,

दर्श पिया से.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।