दुःख के बदल मंडराए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुःख के बदल मंडराए कोई न साथ निभाए,

जब अंधयारी रातो में कोई न राह दिखाए,

तू फ़िक्र न करना प्यारे बिलकुल नहीं डरना प्यारे,

हारे का साथ निभाए गा तू जान ले,

खाटू वाला आएगा मेरी बात मानले

नानीता बनके बाहि बेहना की करि बिदाई,

नरसी की लाज बचाई नव से माया बरसाई,

हारे का साथ निभाए गा तू जान ले,

खाटू वाला आएगा मेरी बात मानले

मीरा ने याद किया था विष अमृत बना दिया था,

दरोपती की टेर सुनी थी पल की भी देर न की थी,

हारे का साथ निभाए गा तू जान ले,

खाटू वाला आएगा मेरी बात मानले

जब मित्र सुदामा रोया उसका दालीधर मिटाया,

तू पहले क्यों नहीं आया पप्पू ने यु समझाया,

हारे का साथ निभाए गा तू जान ले,

खाटू वाला आएगा मेरी बात मानले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।