जो खुशिया मिली मुझको

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो खुशिया मिली मुझको सब तेरी मेहरबानी,

जबसे थामा तूने बाबा हाथ सवारी मेरी ज़िंदगानी,

जो खुशिया मिली मुझको सब तेरी मेहरबानी,

झर झर सब रिश्ते झरे जैसे पतझड़ में पत्ते,

मतलब की दुनिया में रिश्ते कितने सस्ते,

अब सुख की बहारे है न दुःख न परेशानी,

जबसे थामा तूने बाबा हाथ........

कोशिश तो करि मैने तूफानों से लढने की,

ना संभले मेरी नैया बीच भवर में डूबने लगी,

इसने हाथो में लेली पतवार अब क्या करेगा गहरा पानी,

जबसे थामा तूने बाबा हाथ........

सब पूछते है मुझसे कैसे ठाठ हुए तेरे,

उन सबको बताता हु जबसे श्याम साथ मेरे,

अब मस्ती के दिन मेरे मौजो की है रवानी,

जबसे थामा तूने बाबा हाथ........

जो प्यार मिला तुझसे कर्ज कैसे चुकाऊ गा,

तेरी सेवा में बाबा सारा जीवन बिताऊ गा,

रहना तेरी छाया तले रूभी रिधम ने है ठानी,

जबसे थामा तूने बाबा हाथ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।