प्यारे हनुमान बाला का घर है निराला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

प्यारे हनुमान बाला का घर है निराला,

यहाँ जिसने भी अलख जगाई,

उसने मन की मुरादे है पाई,

प्यारे हनुमान बाला का घर है निराला,

आस्था के फूलों की जो माला पहनाएंगे,

उनकी राहों के कांटे फूल बन जाएंगे,

भूल के जहान सारा जिसने यहाँ पर,

शुद्ध भावना की ज्योत जलाई,

उसने मन की मुरादे है पाई,

प्यारे हनूमान बाला का घर है निराला,

भयहारी बाला को पुकारते जो मन से,

झोलियाँ वो भर लेते खुशियों के धन से,

सच्चे साफ़ दिल से जिसने भी आकर,

कथा अपनी प्रभु को सुनाई,

उसने मन की मुरादे है पाई,

प्यारे हनूमान बाला का घर है निराला,

जो भी यहाँ भीग जाते भक्ति के रस में,

हो जाते बालाजी तो उनके ही बस में,

लाल लाल सिंदूर की फलों की जिसने,

प्रभु चरणों में भेंट चढ़ाई,

उसने मन की मुरादे है पाई,

प्यारे हनूमान बाला का घर है निराला।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।