राधे का मंदिर तो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे का मंदिर तो खुशियों का संसार है,

बरसाने धाम में राधा जी के नाम में कैसा चमत्कार है,

राधे का मंदिर तो खुशियों का संसार है,

आके खड़े है मंदिर में तेरे अपनी झलक भी दिखादे राधिके,

दर्शन तुम्हरे करने के कारण मंदिर में आते रहे गए राधिके,

पैदल आएंगे धूमका लगाए गे टिका लगाएंगे परशाद भी खाये गे,

चुनरी भी लाएंगे चूड़ी भी लाएंगे तेरी दुआओ में दुब जायेगे,

मंदिर में हर दिन लगे खुशियों का तोहार है,

बरसाने धाम में राधा जी के नाम में कैसा चमत्कार है,

राधे का मंदिर तो खुशियों का संसार है,

मंदिर में भक्तो को देखे राधा रानी तेरे भी मुखड़े पे मुश्कान है,

सरे जहां में धरती आसमान में तेरी ही अनोखी पहचान है,

चाँद सितारों में माँ तू है हज़ारो में तेरा यहाँ कोई जवाब नहीं है,

लाख कार्डो में है धाम तेरा ऐसा इसका सारे जग में जवाब नई है,

जाने को जी करता नहीं ऐसा तेरा प्यार है,

बरसाने धाम में राधा जी के नाम में कैसा चमत्कार है,

राधे का मंदिर तो खुशियों का संसार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।