सपने में मैया आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सपने में मैया आई शेरसवारी रे सज रहा है जोड़ा लाल वो लागे प्यारी रे,

माँ उतर पहाड़ो आई मेरी किस्मत आन जगाई,

आसान को चन्दन चौंकी मेरी बेठ गई महामाई,

मैं लेट गया चरणों में बना पुजारी री,

सज रहा है जोड़ा लाल वो लागे प्यारी रे ,

माँ मंद मंद मुशाये ना मुझसे नजर हटाए,

ये सपना है या सच है मन सोच सोच भरमाये,

मेरे मन का पंक्षी लेता फिर उडारी रे,

सज रहा है जोड़ा लाल वो लागे प्यारी रे,

मेरी मैया भोग लगाओ कुछ हलवा पूरी खाओ,

सुनी अर्ज मेरे घर आई मेरा एक काम कर जाओ,

बस झुहि करती रहना किरपा तुम्हारी रे,

सज रहा है जोड़ा लाल वो लागे प्यारी रे,

जब अग्गरवाल खुले नैना मैं देखु मैया है ना,

ये सपना फिर से आये जब पड़ेगा मुझे चैना,

मेरी दाती की चरणों में दुनिया सारी रे,

सज रहा है जोड़ा लाल वो लागे प्यारी रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।