सुन के पुकार मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देवो ने माँ से जब अर्जी लगाई है,

सुन के पुकार मैया हो गई सहाई है,

दुर्गा आ गई भवानी सिंघा साजे महारानी,

कम्पे अम्बर कम्पे धरर धरर,

मैया देतियो को मारी अररर अररर ,

आँखों में काली माँ के जलवा सी जली है,

दानव की सेना में मची खलबली है,

रण में गरजी भवानी रकत भेजे अभिमानी,

शीश काटा है खपर भरा,

मैया देतियो को मारी अररर अररर ,

बनके रन चंडी माँ चंड मुंड मारे,

बड़ा खूंखार माँ का सिंघा हुंकारी,

बड़ी महिमा अपार कोई पावे ना पार टूट रक्सक के उपर पड़ा,

मैया देतियो को मारी अररर अररर ,

महीसा सुर मर्दनि माँ शिव की पटरानी,

शिम्ब निशुब वैरी पदे वरधानी माँ के गूंजे जैकार,

छाई खुशिया आपार दर्शन श्रधा से करलो जरा

मैया देतियो को मारी अररर अररर ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।