श्याम माय डिअर मस्ताना

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम माय डिअर मस्ताना,

बाय गॉड दीवानो का दीवाना,

दीवानी थी मीरा लिया विष का प्याला,

तो प्याले में आया नजर नन्द का लाला,

डेंजरस पोइज़न का पि गई पैमाना,

बाय गॉड दीवानो का दीवाना......

लिए रूप राशि खड़ा बन स्वरके,

जिसे लूटना है वो लूटो जी भर के,

वैरी नाइस ब्यूटी का खजाना,

बाय गॉड दीवानो का दीवाना.....

लगे झूमने ऐसा जादू ये कर दे,

ना जाने क्या मस्ती सी रग रग में भर दे,

स्वीट सांग मुरली का तराना,

बाय गॉड दीवानो का दीवाना

जिधर से भी गुजरो कोई राह जाओ,

जहाँ भी रहो सामने श्याम पाओ,

इम्पॉसिबल श्याम से है बच पाना,

बाय गॉड दीवानो का दीवाना

दिलो जान से प्यार करता है हमदम,

मै भूलूँ मगर याद रखता है हरदम,

गुड फ्रेंड है बिहारी ने ये जाना,

य गोड दीवानो का दीवाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।