बाला सा थाने कोण सजाया जी

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला सा थाने कोण सजाया जी,

म्हारे मनड़ो हर लीनो थारी सूरत मतवाली,

थारे हाथ में घोटा लाल लंगोटा जी,

थारे लाल सिंदूर चढ़े थे देव हो बलकारी,

बाला सा थाने कोण सजाया जी.......

थारा उत्सव आया मन हर्षाया जी,

सब झूम झूम नाचे जय बोले है थारी,

बाला सा थाने कोण सजाया जी.....

थे राम नाम की धुन में मतवाला जी,

है अजर अमर गाथा है माया अजब थारी,

बाला सा थाने कोण सजाया जी.......

माला को तोड़ा सीने ने चिर दीयो,

हो अंजनी के लाला जय हो जय हो थारी,

बाला सा थाने कोण सजाया जी.....

‘लक्खा सिंह’ थारा लाड लड़ावे जी,

थारी सूरत पे बाबा ‘बनवारी’ बलहारी,

बाला सा थाने कोण सजाया जी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।