शिव नाम के सहारे पापी

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव नाम के सहारे पापी भी मुक्ति पाए,

भजले नमय शिवाय जपले नमय शिवाय,

तंत्रो का तंत्र है ये मंत्रो का मंत्र है ये,

ब्रम्हांड जानता है यंत्रो का यन्त्र है ये,

धरती ने इसको गाया आकाश गुण गुणाए,

भजले नमय शिवाय जपले नमय शिवाय,

लंका विजय से पहले श्री राम ने रटा है,

शिव नाम जब जपा है रावण का सर कटा है,

भोले की बस दया से लंका को जीत पाए,

भजले नमय शिवाय जपले नमय शिवाय,

ऐसा कवच ना दूजा करले जो इसको धारण,

उसके दुखो का होता पल भर में ही निवारण,

इन पांच अक्षरों में संसार है समाए,

भजले नमय शिवाय जपले नमय शिवाय,

सांसो की लय पे ‘लख्खा’ इस मंत्र को तू गाले,

रेखाए जो बुरी हैं किस्मत की सब मिटा ले,

ऐ बेधड़क जो भटके मंजिल वो अपनी पाए,

भजले नमय शिवाय जपले नमय शिवाय,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।