शिव की नगरियां शिव के धाम

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव की नगरियां शिव के धाम चले,

शिव की नगरियां शिव के धाम,

कंधे पे तू कावर लेके जपके शिव का नाम,

शिव की नगरियां शिव के धाम.....

हर हर बम बम जपके तू दर भोले के आयेगा,

गंगा जल की बरखा कर शिव को जो तू चढ़ाये गा,

राहो के कंकर पत्थर से कभी नहीं घबराना ,

हर हर बम बम हर पल जपते जाना ले कर भोले का नाम,

जपले तू शिव का नाम,

शिव की नगरियां शिव के धाम

यु तो भोले नाथ के सब रोज ही पूजा करते है,

पर सावन में कावर ले जो भोले के घर आते है,

उनकी जीवन की राहो का होता दूर अँधेरा,

भोले बेडा पार है करते ये है विश्वास मेरा,

जपले तू शिव का नाम,

शिव की नगरियां शिव के धाम

शिव अनेको रूप है शिव के अनेको नाम है,

हर रूप में निराले है शिव के अनेको धाम है,

सबकी ईशा पूरी करते शिव भोले भंडारी,

शिव के चरणों में तर जाते पापी और अज्ञानी,

जपले तू शिव का नाम,

शिव की नगरियां शिव के धाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।