तू उड़ ले चाहे जितना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू उड़ ले चाहे जितना तुजे ऊचा उड़ना है ,

वो जनता है कैसे काबू में करना,

तू उड़ ले चाहे जितना

तू एक पतंग है प्यारे डोरी है उसके हाथ,

जब ईशा होगी उसकी तुझे पल में देगा,

काट मर्जी भी ना पूछे गा तुझे कैसे कटना है,

वो जनता है कैसे काबू में करना,

तू उड़ ले चाहे जितना

जब दौलत आती है तो ये पच नहीं पाती है,

अभिमान के चकर में भुधि मर जाती है,

दौलत के नशे में तुझको भला कब तक नचना है ,

वो जनता है कैसे काबू में करना,

तू उड़ ले चाहे जितना

उसकी नजरो से अब तक कोई बच नहीं पाया है,

वो ऐसा मदारी जिसने दुनिया को नाच्या है,

तू बनले चाहे जितना तुझे शातिर बनाना है,

वो जनता है कैसे काबू में करना,

तू उड़ ले चाहे जितना

मेरा श्याम दयालु फिर भी देता मोका सबको,

ये तेरी भुधि है तू ना जान सके उसको,

शर्मा तुझको भी मौका ये ध्यान रखना है,

वो जनता है कैसे काबू में करना,

तू उड़ ले चाहे जितना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।