साँची कहु तेरी पूजा से बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा जीवन में मेरे बहार आई,

सब कुछ मिल गया चमन मेरा खुल गया,

घर मेरे रौनक हज़ार आई,

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा .....

पड़ लिख के मैं ढोलू था खाली,

घरवालों की मैं खावे था गाली,

सर्विस दिला दी चिंता हटा दी,

आंगन में खुशिया अपार आई,

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा जीवन में मेरे बहार आई,

तेरी दया ये बगिया खिली है,

चरणों में ही तेरे जन्नत मिली है,

ऊंचा है दवार स्वर्ग सा नजारा,

मंदिर में भक्तो की लाज पाई,

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा जीवन में मेरे बहार आई,

शीश के दानी को शीश झुका के,

मन की मुरदे वो सारी ही पाते,

सभी मनाते गन तेरे गाते करती है दुनिया ये पुकार आई,

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा जीवन में मेरे बहार आई,

जगराते में श्याम तू आना,

भक्तो को आकर के दर्श दिखाना,

ये सबने मना ये गण बजाना,

करने के टोली पचार आई,

साँची कहु तेरी पूजा से बाबा जीवन में मेरे बहार आई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।