॥ पावन पाठ ॥
कान्हा तेरो जोहत रह गई बात
जोहत जोहत एक पग थाड़ी,
कालिंदी के घाट,
कान्हा तेरो जोहत रह गई बात
झूठी प्रीत करी मनमोहन,
या कपटी की बात ॥
कान्हा तेरो जोहत रह गई बात
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
दे गियो ब्रिज को चात,
मोरे श्याम मोरे श्याम,