जोड़ी को जवाब नहीं,

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

महारा रे बाला जी सालासर वाला

सालासर वाला ये तो मेहंदीपुर वाला,

खाटू वाला बाबा श्याम के जोड़ी को जवाब नहीं,

महरो रे बाला जी माँ अंजनी को लालो,

एहलवती को लालो श्याम के जोगी को जवाब नहीं,

लाल लंगोटो सोहे बाला जी के तन पे,

केसरियां पागो पहने श्याम के जोड़ी को जवाब नहीं

हाथ में घोटो महारे बाला जी के सोहे,

तीन वानधारी बाबो श्याम के जोड़ी को जवाब नहीं,

संकट मोचन महारा बालाजी कुहावे,

हारे को साथी बाबा श्याम के जोड़ी को जवाब नहीं,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।