प्रेम तुम्हारा हमको खाटू खींच लाता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मिलने को जब जब भी जी ललचाता है,

प्रेम तुम्हारा हमको खाटू खींच लाता है,

खाटू के गांव की वो तंग गलियां,

बाबा के गांव की फूलो की भगियां,

खाटू की माटी की खुशबू सुहानी,

बाबा की कुण्डी का वो निर्मल पानी,

मन का मैल नहाने से सब धूल जाता है,

प्रेम तुम्हारा हम को खाटू खींच लाता है,

खाटू में जाते हम टी अकेले मिलते वहा है खुशियों के मेले,

बाबा की प्रेमियों का ऐसा परिवार है भक्तो में प्रेम का भटता उपकार है,

रह रह के ख्यालो में जब ये आता है,

प्रेम तुम्हारा हमको खाटू खींच लाता है,

ऐसा क्या जादू तुमने चलाया मोहित को अपना तुमने बनाया,

आँखों से अश्क का बेहता सैलाब है तुम हार याद में दिल ये बेताब है,

ऐसा क्यों होता है समज ना आता है,

प्रेम तुम्हारा हम को खाटू खींच लाता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।