तुमसे मिलकर मेरे बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

खाटू आकर सिर झुका कर हमने हर ख़ुशी पाई है

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

चरणों में तेरे गुजरे लम्हे मन में विशवाश जागते है ॥

सुख दुःख में तुम साथ मेरे ऐसा एहसास दिलाते है,

तेरी प्यार भरी नजरो में प्रभु अमृत की धार समाई है,

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

जो कुछ मैंने सोचा भी नही वो तेरी किरपा से पाया है ॥

हर एक सपना साकार हुआ जबसे तूने अपनाया है,

मेरी सोई हुई किस्मत ने प्रभु फिर से ली एक अंगड़ाई है,

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

प्रभु अपना बना कर तूने मुझे इस सेवक पर एहसान किया,

प्रेमी मैं तेरा कहलाया सारी दुनिया ने सम्मान दिया,

ये सोच के आंखे नम है मेरी मेरा रोम रोम करजई है,

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

तेरे रहते हे श्याम प्रभु किस बात की दाता फिकर करू,

जब तक ये जीवन है मेरा हर सवास स्वास तेरा शुकर करू,

रोमी के जीवन की भागीय तूने ही प्रभु महकाई है,

तुमसे मिलकर मेरे बाबा ये ज़िन्दगी मुश्कुरई है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।