आई भगतो की टोली आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आई भगतो की टोली आई,

छाई छाई खाटू में मस्ती छाई,

लेकर निशान चली भक्तो की टोली,

फागण में श्याम संग खेलेगे होली,

ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,

ये श्याम भगत मतवाले कई गोरे है कई काले ,

कुछ मुंबई से है आये कुछ है कोलकाता वाले,

दिल्ली वाले भी देखो करते ठिठोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,

ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,

ये जयपुर के रंगीले रंगो में हो रहे है गीले,

बांगोलारी हैदराबादी सूरत के छैंछबीले,

लाये बनारस वाले भांग की गोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,

ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,

पंजाबी ढोल बजाये भंगड़े की धूम मचाये,

फिर यूपी हरयाणा वाले फिर पीछे क्यों रह जाए,

गुजराती लाये रंगो की रंगोली फागण में श्याम संग खेले गये होली,

ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,

झांरखण्डी और बिहारी पिंकी की आई बारी,

ये रंग गुलाल उड़ाए भर भर के पिचकारी,

गाये धमाल रोमी मीठी की बोली फागण में श्याम संग खेले गे होली,

ये होली खाटू धाम की सारा इंडिया ठुमकता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।