साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले

लखबीर सिंह लक्खा
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले,

जोति दिल में जगाये दिल में चले,

साई पिया,

राह में कोरहा गना हो या कड़क टी धुप हो,

कुछ नजर आये नहीं आँखों में साई रूप हो,

साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले

साई पिया

दुःख के है जो काले बादल आप ही झट जाए गए,

साई साई कहते जाओ रस्ते खुद ही कट जाए गए,

साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले

लूट रहे है रेहमतो के चल खजाने लूट ले,

सोचता है तू खड़ा क्यों ऍह दीवाने लूट ले

साई पिया बुलाये चलो शिरडी चले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।