मैया जी तेरा नाम जप के

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हुई दुखो की हार खुले खुशियों के द्वार,

मेरा महक उठा संसार मैया जी तेरा नाम जपके,

हुई ममता निहाल खेला गोदी में लाल,

मेरा सपना हुआ साकार मैया जी तेरा नाम जपके

अनपुराणा माता बंकके अन्न धन के भण्डार भरे,

चिंतपूर्णी माता मेरी हर चिंता हर कष्ट हरे,

रूप धार माँ जवाला किया घर में माँ उजाला.

सब दूर हुआ अन्धकार मैया जी तेरा नाम जप के,

मैं ममता की मारी था उल्जन मेरा जीवन,

सुनी सुनी गोद मेरी था सुना सुना आंगन,

खिल उठी फुलवाड़ी गुंजी घर में किलकारी,

अनमोल मिला उपहार,मैया जी तेरा नाम जप के,

सरल बना जन्मो का चाकर देख तेरा माँ जलवा,

घर घर बंटेगा ये लाख भर भर थाली हलवा,

नंगे पाँव दवारे औ संग बेटे को लाउ,

मैं पुजू पवन तेरा द्वार ,

मैया जी तेरा नाम जप के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।