सारी दुनिया छोड़ के

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया छोड़ के आया तेरे दवार माँ,

आया तेरे दवार माँ कर मेरा उधार माँ,

जग की पालनहार माँ मेरी और निहार माँ,

सारी दुनिया छोड़ के......

मन मेरा चाहे माता करू तेरी नौकरी,

तेरे चरणों में लगे रात दिन हज़ारी,

रखलो सेवा दार माँ राहुगा ताबेदार माँ,

ना कर सोच विचार माँ ना दूंगा पगार माँ,

सारी दुनिया छोड़ के........

जीवन की डोर करदी तेरे हवाले,

मैं हु कटपुतली जैसे मर्जी नचा ले,

अटका हु मझधार माँ आ बन जा पतवार माँ,

करदे बेडा पार माँ तू सच्ची सरकार माँ,

जग की पालनहार माँ मेरी.....

मन मंदिर सुना है ये करले वसेरा,

चंगा हु मंदा हु पर हु मैं सेवक तेरा,

दोनों हाथ पसार माँ लाख करे पुकार माँ,

शरण पे उपकार माँ किस्मत दे सवार माँ,

सारी दुनिया छोड़ के........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।