तेरा हो रहा माँ जगराता

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा हो रहा माँ जगराता जैकारा जाए गली गली,

तेरी जोती का लिश्कारा लिश्कारा जाए गली गली,

आ कर जगराते में जो माँ की जैकार लगते,

भूल जगत के झंझट माँ के भजनो में रम जाते,

उसकी मिट जाए उल्जन किस्मत उसकी बदली बदली,

तेरा हो रहा माँ जगराता ....

जिस घर में जगराता हो वो घर बन जाए मंदिर,

आती है माँ आप भवानी करने दया भक्तो पे,

माँ कर दे एक इशारा बिपता देख टली टली,

तेरा हो रहा माँ जगराता ........

रोगी की हो कंचन काया निर्धन काया पाते,

राजा हो जा रैंक सभी आके झोली फैलाते,

माँ लखा और सरल ने तेरी चौकठ है आन मली मली,

तेरा हो रहा माँ जगराता ..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।