ब्रिज की गली गली में सरेआम हो गए हम,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कारण तेरे कन्हैया बदनाम हो गए हम,

ब्रिज की गली गली में सरेआम हो गए हम,

कानो में गूंजे हर दम तेरी ही मीठी बाते,

कटती नहीं कन्हैया तन्हाई की राते,

समजा हु कैसे दिल नाकाम हो गए है,

ब्रिज की गली गली में सरेआम हो गए हम,

जबसे गाये हो छलिया घुट घुट के जी रहे है,

तेरे बिरहा विष को हास हास के पी रहे है,

रोने पे हसने वाले हर तमाम हो गए है,

ब्रिज की गली गली में सरेआम हो गए हम,

नींदो में सोने वाले जलकी दिखा जा तेरी,

आके जारा देख ले हालत क्या है रे मेरी,

बरबरद तेरे पीछे मेरे श्याम हो गए है,

ब्रिज की गली गली में सरेआम हो गए हम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।