एक तू है एक तू है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बिगड़ी बनाने वाला,

मेरी किस्मत जगाने वाला,

एक तू है एक तू है एक तू ही तू है,

तेरे सिवा श्याम मैं तो किसको रिजाऊ,

दिन और रात मैं तो गन तेरे गाउ,

मुझे अपना समज ने वाला,

मुझे गले से लगाने वाला,

एक तू है एक तू है.......

तेरी दया से मेरा चलता गुजरा,

जब भी दुखो ने गेरा तुमको पुकारा,

मेरे दुखारे मिटने वाला,

आनद बरसाने वाला,

एक तू है एक तू है.......

अब तक निभ्या है तो आगे भी निभाना,

बीच मझधार में तू छोड़ मत जाना,

मेरी नैया चलाने वाला रमा का तुहि रखवाला,

एक तू है एक तू है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।