शबरी की तरह भगवन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शबरी की तरह भगवन मेरी कुटिया में पग रख दो,

रूखे सूखे पकवानों को मेरे राम ग्रहन करलो,

शबरी की तरह भगवन........

श्री राम नाम का दीपक मंदिर में जगा बेठी,

श्री राम नाम की माला हर पल पल मैं जप्ती,

मेरे शीश पे अपने हाथ प्रभु आकर के धर दो,

शबरी की तरह भगवन.....

मानव के वेषय में कान्हा संसार में बेठे है

पग पग पर बह लगता है हम डर कर जीते है,

श्री राम दंसुधारी मेरे मन के भेह हर लो,

शबरी की तरह भगवन ........

हे किरपा सिन्धु राधू नायक इतनी तो किरपा करना तुम,

भव सागर से मेरी नैया को पार लगा देना तुम,

हे सीता पति श्री राम जी याहि बिनती मेरी सुन लो,

शबरी की तरह भगवन .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।