दरबार तेरे आया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दरबार तेरे आया फूलो का हार लेकर,

बिगड़ी मेरी बनादे अपना तू प्यार देकर,

सुनते है तेरी रेहमत दिन रात है बरसती,

मुझको गले लगाना आँचल की शाव देकर,

दरबार तेरे आया फूलो का हार लेकर,

भटका बहुत हु मैया जीवन की इस भवर में,

दुनिया से जब मैं हारा आया तेरी शरण में,

तू हाथ थाम लेगी संकट को मेरे हर के,

बिगड़ी मेरी बना दे......

हर याद लेके अपनी हर खोई तेरी धुन में,

आये है ढेर सारे मैं भी हु उनमे,

लौटू यहाँ से मैया खुशियों से झोली भर के,

बिगड़ी मेरी बना दे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।