हनुमंत को देखो मौका मिल गया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

माँ सीता ने सिंधुर लगाया चेहरा खिल गया,

मेरे हनुमान को देखो कैसा मौका मिल गया

एक चुटी का सिन्दूर अगर है उम्र बढ़ाने वाला,

सारे तन पे क्यों ना लगाए माँ अंजनी का लाला,

बेटे का ये भोला पण राजी दिल कर गया,

मेरे हनुमान को देखो कैसा मौका मिल गया

लाली दे ते जब लाली देखि हसी रोक ना पाई,

लगा बात डैम जायदा तो बात समज में आई,

प्रभु राम के दीवाने का जादू चल गया.

मेरे हनुमान को देखो कैसा मौका मिल गया

माता सीता जान गई के ये है सच्ची भक्ति,

कमल सिंह है परम पुजारी शिव शम्बू की शक्ति,

बानर रूप में शिव शंकर से रावण हिल गया,

मेरे हनुमान को देखो कैसा मौका मिल गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।