है रेहमतो का साया बाबा तेरी शिरडी में

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

है रेहमतो का साया बाबा तेरी शिरडी में,

मंजिल का पता पाया बाबा तेरी शिरडी में,

जो अंसियो से दामन अपना भिगो रहा है,

हस्ता हुआ वो आया बाबा तेरी शिरडी से,

मैंने साई पा लिया मेरे दिल में वासा है साई पिया,

दुनिया के अंधेरो में कबसे भटक रहा था,

घर मेरा जगमगाया बाबा तेरी शिरडी में,

मैंने साई पा लिया मेरे दिल में वासा है साई पिया,

जब अपने दीवाने पे तुमने नजर है डाली,

दिल में सकूँ पाया बाबा तेरी शिरडी में,

मैंने साई पा लिया मेरे दिल में वासा है साई पिया,

जबसे चिराग रोशन दर पे तेरे हुआ है,

खींच खींच के यह आया बाबा तेरी शिरडी में,

मैंने साई पा लिया मेरे दिल में वासा है साई पिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।