बन्दे ये साई से सीख

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कंधे पे झोला हाथ में कासा घर घर मांगे भीख,

जीना किसको कहते है ये बन्दे ये साई से सीख,

श्रद्धा और सबुरी का नित पाठ पढ़ाये सबको,

सब धर्मो का एक ही मालिक ये बताये सबको,

अल्लाह इस्सा राम एक है गाये उनके गीत,

बन्दे ये साई से सीख

उन कर भी बस लाचारों के दुःख दर्दो के काटे,

आंसू पूछए गल्ले लगा के खुशिया ही खुशियां बांटे,

दीं दुखी की सेवा करता बांके सच्चा मीत,

बन्दे ये साई से सीख....

अंधियारे जीवन में भर दे खुशियों का उजाला,

बनके मसीहा दोहरे आये जब जिसने भी पुकारा,

जिस पे नजर किरपा की डाले होये उसी की जीत,

बन्दे ये साई से सीख.........

अपनी धुन में मगन ना चिंता ना दुनिया की परवाह,

मस्त फ़क़ीर कहे सुध जिसको है शाहो का शेहनश,

दास दे सन्देश सभी को कर मालिक से प्रीत,

बन्दे ये साई से सीख........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।