घूम रहा सोटा हनुमान जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

घूम रहा सोटा हनुमान जी सारी दुनिया में,

सारी दुनिया में सारी दुनिया में,

घूम रहा सोटा हनुमान जी सारी दुनिया में,

बाबा तेरे सोटे की ऐसी करामात,

पल में चढ़ा दे ये भूतो की शात,

घूम रहा सोटा हनुमान जी....

तेरा सोटा चले सबका दिल हाले,

जो दुस्ट और पापी खाई में डाले,

जो समज गए है बाबा तेरी शक्ति,

तू झट से देता उनको तू मुकति,

जब जब तेरे सोटे से पाला पड़ा है,

कोई भी पापी ना आगे अड़ा है

तुझसे न कोई बलवान सारी दुनिया में,

घूम रहा सोटा हनुमानजी.......

तू संकट हारी पूरा बलकारी,

जो शरण में आवे कटे सबके मारी,

तू सबका डाटा तू राह दीखता,

सब दुखियाँ जन का तू भागभिदता,

संकट तेरे दवारे पे टिक नहीं पावे,

जब मेरे बाबा तू सोटा घुमावे,

काट लावे भूता की जान सारी दुनिया में,

तू केसरी नंदन है संकट भंजन,

भक्तो के लिए तू है शीतल चन्दन ,

यो नैन्या गावे सबको समजावे सच्ची शरधा से जो शीश झुकावे,

बाबा तेरी महिमा को दिल से जो गाले,

सोइये हुए भाग्य वो पल में जगा ले,

कर लाये तेरा गुणगान सारी दुनिया में,

घूम रहा सोटा हनुमानजी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।